अयोध्या : काकोरी एक्शन की शताब्दी वर्ष पर आयोजित तीन दिवसीय शहादत समारोह के प्रथम दिवस “दास्तान-ए-अशफ़ाक़” शीर्षक से दास्तानगोई कार्यक्रम का आयोजन नंद कॉन्वेंट स्कूल, देवकाली में किया गया ।
इस अवसर पर लखनऊ से आए प्रसिद्ध रंगकर्मी शहजाद रिज़वी और फरजाना मेहदी ने अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्लाह ख़ाँ के जीवन और योगदान पर आधारित रोचक प्रस्तुति दी।दास्तानगोई में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर काकोरी एक्शन तक के इतिहास और उसमें अशफ़ाक़ उल्लाह ख़ाँ सहित उनके साथी क्रांतिकारियों की भूमिका का जीवंत चित्रण किया गया । श्रोताओं और शहर के बौद्धिक वर्ग ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए शहीदों की याद को नमन किया।कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने काकोरी एक्शन के नायक अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्लाह ख़ाँ के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की । कार्यक्रम का संचालन मुजम्मिल फिदा ने किया, जबकि परिचय डॉ. विशाल श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि दास्तानगोई जैसी पारंपरिक विधा, जो कभी विलुप्ति के कगार पर थी, आज फिर सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन रही है । दास्तान के लेखक असगर मेहदी ने दास्तानगोई के इतिहास और अशफ़ाक़ उल्लाह ख़ाँ के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रकाश डाला । इस अवसर पर जनवादी नेता सत्यभान सिंह ने कहा कि काकोरी एक्शन के सौवें वर्ष में उन महान क्रांतिकारियों के विचारों को आमजन तक पहुँचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।समारोह का शुभारंभ वरिष्ठ कवि-लेखक आर. डी. आनंद, बृजेश श्रीवास्तव और अनंत सिंह के क्रांतिकारी गीतों से हुआ ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीपीआई के अशोक तिवारी ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में देशभक्ति और प्रगतिशील सोच को मज़बूती देते हैं । युवा कवि कबीर और अखिलेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह भेंट कर किया । कार्यक्रम का आयोजन जनवादी लेखक संघ और शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया ।
इस अवसर पर कवयित्री विनीता कुशवाहा, पूजा श्रीवास्तव, पूनम सूद, कवि आशाराम जागरथ, ऋतु राठौर, विनोद सिंह, डॉ. पूनम, डॉ. एकता सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि और संस्कृतिकर्मी उपस्थित रहे ।
Edited by- Hari Bhan Yadav